अध्याय 179 निराशाजनक उपाय

साइमन ने कनपटियाँ मलते हुए खुद को घसीटकर बिस्तर से बाहर निकाला, ताकि दरवाज़े पर हो रही लगातार दस्तक का जवाब दे सके। उसने दरवाज़ा खोला तो सामने मैंडी खड़ी थी—उसने होटल की वेट्रेस जैसी यूनिफॉर्म पहन रखी थी।

मैंडी को देखते ही साइमन को अपनी ढीली ज़ुबान पर पछतावा हुआ। काश, उसने कभी लापरवाही में उसे अपना...

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